Subscribe to:
Post Comments (Atom)
शापित
माँ का घर , यानी कि मायका! मायके जाने की खुशी ही अलग होती है। अपने परिवार के साथ-साथ बचपन के दोस्तों के साथ मिलन...
-
माँ का घर , यानी कि मायका! मायके जाने की खुशी ही अलग होती है। अपने परिवार के साथ-साथ बचपन के दोस्तों के साथ मिलन...
-
रानी दी बहुत दिनों बाद मै अपने मायके (गाँव) जा रही थी | बहुत खुश थी मै कि मै अपनी रानी दी से मिलूँगी (रानी ...
-
एक दोहा मन वीणा के स्वर कभी, पहुचे नहि उस पार। तारों में उलझे रहे, सरगम शब्द पुकार।। मीना पाठक (चित्र साभार गूगल)

बधाई मीना ....
ReplyDeleteThis comment has been removed by the author.
Deleteआभार रमा सखी
Deleteसुंदर .....
ReplyDeleteधन्यवाद अनू जी
Deleteबहुत सारी शुभकामनाये ......
ReplyDeleteधन्यवाद उपासना सखी
Deleteधन्यवाद उपासना सखी
Delete